Sunday, July 11, 2010

कई दिनों के बाद.......

कई दिनों तक चूल्हा रोया ,चक्की रही उदास

कई दिनों तक कानी कुतिया सोयी उसके पास


कई दिनों तक लगी भीत पर चिपकिलियों की गस्त

कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त


दाने आये घर के अन्दर कई दिनों के बाद


धुआ उठा आँगन से ऊपर कई दिनों के बाद.......

चमक उठी घर भर की आँखें कई दिनों के बाद.......

कौव्ये ने भी खुजलाई पांखे कई दिनों के बाद.....

3 comments:

  1. बहुत खूबसूरत रचना

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  2. शानदार पोस्ट

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  3. Dosto aapne pasand kiya aapka dhanyawaad.......

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