Wednesday, July 14, 2010

इस दिल का ये हाल तो देखो....

इस दिल का ये हाल तो देखो....

अरमानो के ये चाल तो देखो...

कैसे-कैसे मचलते है इनके हाल तो देखो..............

कभी पयमनो के साथ छलकते है....

कभी अरमानो के साथ मचलते है ...

कभी हवाओ के संग उड़ते है ....

कभी बारिश में तन मन भीगोते है ...

कभी मस्त हो अजब सी दुनिया में खोये रहते है.......

ऐसी सतरंगी दुनिया के निराले चाल तो देखो................

कभी सरसों के पीले फूलो से रंग उड़ाते है ....

कभी फलक को छूने की चाह सजाते है .....

कभी तितली के रंग-बिरंगे पंख लगा सपनों में उड़ते है ....

कितनी रुपहली दुनिया है जिसमे ये कैसे -कैसे रूप सजाते है ...........

2 comments:

  1. शानदार पोस्ट

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  2. बहुत अच्छी प्रस्तुति संवेदनशील हृदयस्पर्शी मन के भावों को बहुत गहराई से लिखा है

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