Wednesday, April 7, 2010

वो अजनबी

एक अजनबी से एक दिन मुलाकात हुयी
दिल के कोने में एक अनकही एहसास जगी
कभी सोचा न था की जिन्दगी कब इतनी हसीन हुई
सपनो ने अंगराई ली रातें मेरी रंगीन हुई
एक अजनबी से एक दिन मुलाकात हुई
मन के समंदर में हलचल हुई
खवाबो की हकीक़त से मुलाकात हुई....
रूह से जिस्म से पहचान हुई
चांदनी की रात से बात हुई
अब वो अजनबी नहीं
मुझे मंजिल से मुलाकात हुई......

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